जीवन में अनुशासन का महत्व – Anushasan Par Nibandh

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Anushasan Par Nibandh

जिस तरह से सफलता पाने के लिए व्यक्ति को जीवन में समय की कीमत अवश्य पता होनी चाहिए, उसी तरह से व्यक्ति को जीवन में अनुशासन का भी महत्व ज्ञात होना चाहिए। अनुशासन से तात्पर्य जीवन को नियमानुसार सुचारू रूप से जीना है।

अनुशासन की बदौलत ही कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में सफलता की सीढ़ी तक पहुंच पाता है। इसके विपरीत जो व्यक्ति अपने जीवन को अनुशासन रहित होकर जीता है, वह कभी भी जीवन में तरक्की प्राप्त नहीं कर पाता।

ऐसे में जीवन में अनुशासन का होना बेहद आवश्यक है।  फिर चाहे वह विद्यार्थी हो, कोई भी स्त्री या पुरुष हो,  हर व्यक्ति को अपने जीवन में अनुशासन का पालन अवश्य करना चाहिए।  हमारे आज के इस लेख में हम आपको अनुशासन का अर्थ और उसका महत्व के बारे में ही बताएंगे।

अनुशासन क्या है?

अनुशासन दो शब्दों अनु और शासन से मिलकर बना है। जिसका तात्पर्य है नियम के अनुसार।  जिस तरह से गणित के किसी भी प्रश्न को हल करने के लिए आवश्यक नियमों की आवश्यकता पड़ती है।

उसी तरह से जीवन में समस्याओं का समाधान  भी अनुशासित रहकर ही प्राप्त किया जा सकता है।  कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में जो अनुशासन के अधीन रहकर कार्य करता है, ऐसा व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में सफलता अर्जित करता है।

इसके विपरीत जो लोग अनुशासन के बिना ही किसी काम को अंजाम देते हैं, ऐसे लोग कभी भी अपने जीवन में तरक्की प्राप्त नहीं कर पाते। व्यक्ति चाहे वह घर,  स्कूल या ऑफिस में हो, उसे हर जगह अनुशासित व्यवहार का ही परिचय देना होता है। कहने का तात्पर्य उसे हर जगह अनुशासित होकर ही काम करना पड़ता है, अन्यथा कोई भी उसके कार्य को तवज्जो नहीं देता।

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ऐसे में यदि कोई व्यक्ति जो अनुशासित होकर कार्य को अंजाम नहीं देता, तो उसके साथ-साथ अन्य लोगों को भी उसका बुरा परिणाम देना पड़ता है। जैसे यदि कोई अध्यापक अनुशासित होकर विद्यार्थियों को नहीं पढ़ाता है,  तो इससे विद्यार्थियों का संपूर्ण भविष्य अंधकार में डूब जाता है। इस प्रकार अनुशासन का जीवन में विशेष महत्व है।

 अनुशासन कैसे सीखें?

  • संतुलित और नियमित तौर पर दिनचर्या का पालन करने से आप अपने जीवन में अनुशासित रहते हैं।
  • अगर आप अपने जीवन में बुरी आदतों और संगत से दूर रहते हैं, तो ऐसा करके भी आप एक अनुशासित और संयमित जीवन जीते हैं।
  • जो व्यक्ति अपने कार्य को पूर्ण ईमानदारी और निष्ठा के साथ संपन्न करता है, ऐसा व्यक्ति भी अपने जीवन को अनुशासित होकर ही जीता है।
  • अगर आप अपना मूल्यवान समय व्यर्थ के कामों में नही गंवाते हैं, तो ऐसा करके भी आप अपना जीवन अनुशासन में रहकर ही व्यतीत कर रहे हैं।
  • अगर आप अपने किसी भी काम को नियत समय पर पूर्ण करने का प्रयास करते हैं, तो ऐसा करके भी आप एक अनुशासित जीवन जीते हैं।

निष्कर्ष

इस प्रकार चाहे वह विद्यार्थी हो, ग्रहणी हो या कोई कर्मचारी हो। हर व्यक्ति को अपने जीवन में  अनुशासन का पालन करना चाहिए।

इसके वजह से ही आप अपने जीवन में तरक्की और सफलता का स्वाद चख सकते हैं, और इसके साथ ही अपने जीवन को खुशहाली से व्यतीत कर सकते हैं।

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