नाटक और एकांकी में अंतर | Natak Aur Ekanki Mein Antar

हम सभी अपने मनोरंजन के लिए कई तरह के नाटक और एकांकी देखते हैं, लेकिन बहुत से लोगों को इन दोनों में अंतर नहीं मालूम होता। अक्सर ही लोगों को दोनों ही चीजें एक समान लगती है लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें दोनों में‌ अंतर होता है, इसलिए आज के अपने इस पोस्ट में हम आपको Natak Aur Ekanki Mein Antar बताने वाले हैं और साथ ही इससे जुड़ी अन्य जानकारी भी आप तक पहुंचाएंगे।

Natak Aur Ekanki Mein Antar
Natak Aur Ekanki Mein Antar

नाटक क्या है?

जब लोग अभिनय करते हुए किसी कहानी को टीवी थिएटर या फिर रेडियो में प्रस्तुत करते हैं तो उसे हम नाटक कहते हैं। नाटक के अंतर्गत अपने रोल के मुताबिक अभिनय करना होता है और इसके एक नहीं कई पात्र होते हैं और उन सभी के अपने अलग-अलग नाम होते हैं। नाटक में पूरी कहानी को भाव के साथ प्रस्तुत करना होता है जिससे कि दर्शकों को ऐसा लगे कि दृश्य उनके सामने ही घटित हो रहा है।

एकांकी क्या है?

अंग्रेजी में एकांकी को वन एक्ट प्ले के नाम से जानते हैं दरअसल एक अंक वाले नाटक को हम एकांकी कहते हैं, आसान भाषा में समझे तो किसी एक नाटक में एक ही व्यक्ति का वर्णन हो वह भी उसके युवावस्था के बाद तो हम ऐसे नाटक को एकांकी कहते हैं। एकांकी को भी टीवी थिएटर और रेडियो के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है, हालांकि इसे बहुत विस्तार से नहीं दिखाया जाता और इसकी गति भी तेज होती है।

नाटक और एकांकी में अंतर

  • एकांकी में एक अंक होते हैं तो वही नाटक में कई अंक होते हैं।
  • एकांकी में किसी एक घटना को प्रस्तुत किया जाता है तो वही नाटक में कई घटनाओं को प्रस्तुत किया जाता है।
  • एकांकी का आकार छोटा होता है तो दूसरी तरफ नाटक का आकार बड़ा होता है।
  • एकांकी में किसी व्यक्ति के एक घटना का वर्णन दर्शाया जाता है तो वही नाटक में किसी व्यक्ति के पूरे जीवन की घटना दिखाई जाती है।
  • एकांकी को हमेशा ही तेज गति से दिखाया जाता है वही नाटक धीमी गति में दर्शाया जाता है।
  • एकांकी में पात्रों की संख्या कम होती है तो वही नाटक में पात्रों की संख्या अधिक होती है।
  • एकांकी में कथानक घनत्व होता है जबकि नाटक के कथानक का पहला और विस्तार किया जा सकता है।

नाटक के भेद

नाटक के मुख्यता तीन भेद होते हैं जोकि नीचे आपको बताए गए हैं।

  1. काव्य मिश्र
  2. शुद्ध कौतुक और
  3. भ्रष्ट

एकांकी के भेद

एकांकी के मुख्यता चार भेद होते हैं जो कि नीचे बताए गए हैं।

  1. ऐतिहासिक एकांकी
  2. राजनैतिक एकांकी
  3. पौराणिक एकांकी
  4. सामाजिक एकांकी

नाटक और एकांकी के तत्व

  • कथावस्तु
  • संवाद
  • पात्र एवं चरित्र चित्रण
  • देशकाल और वातावरण
  • रंगमचियता और अभिनेता
  • भाषा शैली
  • उद्देश्य

नाटक की विशेषताएं

  • किसी भी नाटक का कथानक प्रसिद्ध होना चाहिए।
  • नाटक को एक्टिंग के जरिए रंगमंच पर दर्शाया जाता है।
  • नाटक में श्रंगार रस, वीर रस और करुण रस की प्रधानता होती है।
  • किसी भी नाटक में 5 से लेकर 10 अंक हो सकते हैं।

एकांकी की विशेषताएं

  • एकांकी संक्षिप्त होती है।
  • एकांकी में एक ही अंक होते हैं।
  • इसमें सीमित पात्र होते हैं।
  • यह आकार में छोटी होती है।

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FAQs:

एकांकी में कितने अंक होते हैं?

इसमें एक ही अंक होते हैं।

नाटक के कितने भेद होते हैं?

नाटक के मुख्यता तीन भेद होते हैं।

एकांकी कितने प्रकार की होती है?

एकांकी चार प्रकार की होती है।

नाटक में कितने अंक होते हैं?

नाटक में 5 से 10 अंक होते हैं।

निष्कर्ष:- आज के अपने इस आर्टिकल में हमने आपको नाटक और एकांकी में अंतर | Natak Aur Ekanki Mein Antar बताया उम्मीद करते हैं ऊपर बताइए जानकारी आपको पसंद आई होगी।

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